मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर,
वो मुस्कुरा कर बोले और तुम्हे आता ही क्या है।
जब नफ़रत करते करते थक जाओ,
तो एक मौका प्यार को भी दे देना।
मुझसे इश्क, मुहब्बत, प्यार न कर,
अपनी ज़िन्दगी को तू बेकार न कर|
मैं भी खरीददार हूं मैं भी खरीदूंगा,
प्यार कहां बिकता है पता बताना यारों!!
मुझसे कहती है तेरे साथ रहूंगी,
बहुत प्यार करती है मुझसे मेरी उदासी!!
जिनके प्यार बिछड़े है उनका सुकून से क्या ताल्लुक़,
उनकी आँखों में नींद नही सिर्फ आंसू आया करते है|
मैने जो पुछा उनसे कि.. यूँ बात बात पे रूलाते क्युँ हो,
वो बङे प्यार से बोली, मुझे बहता हुआ पानी बेहद पंसद है|
कोई भी हो हर ख़्वाब तो अच्छा नही होता,
बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता है|
कल क्या खूब इश्क़ से मैने बदला लिया,
कागज़ पर लिखा इश्क़ और उसे ज़ला दिया!!
ना कर तू इतनी कोशिशे, मेरे दर्द को समझने की,
तू पहले इश्क़ कर, फिर चोट खा, फिर लिख दवा मेरे दर्द की|
इतना ही गुरुर था तो मुकाबला इश्क का करती ऐ बेवफा,
हुस्न पर क्या ईतराना जिसकी ओकात ही बिस्तर तक हौ|
तुम्हें चाहने की वजह कुछ भी नहीं,
बस इश्क की फितरत है, बे-वजह होना!!
नक़ाब क्या छुपाएगा शबाब-ए-हुस्न को,
निगाह-ए-इश्क तो पत्थर भी चीर देती है|
आंसू निकल पडे ख्वाब मे उसको दूर जाते देखकर,
आँख खुली तो एहसास हुआ इश्क सोते हुए भी रुलाता है|
औक़ात नही थी जमाने में जो मेरी कीमत लगा सके,
कबख़्त इश्क में क्या गिरे, मुफ़्त में नीलाम हो गए|
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