Thursday, 13 October 2016

2 Lines Shayari - मोहब्बत की किताब...




    मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे,
    इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे!

    सुना है आज उनकी आँखों आँशु आ गए,
    वो बच्चों को लिखना सिखा रही थी.. कि मोहब्बत ऐसे लिखते है।

    मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ ऐ खुदा,
    किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे, जो मौत तक वफा करे।

    प्यार मोहब्बत चाहत इश्क़ जिन्दगी उल्फ़त,
    एक तेरे आने से कितना बदल गई किस्मत।

    मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना,
    मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।

    हम ने भी कह दिया उनसे की बहुत हो गयी जंग बस,
    बस ए मोहब्बत तुझे फ़तेह मुबारक मेरी शिक्स्त हुई।

    एक चाहत थी आपके साथ जीने की,
    वरना मोहब्बत तो किसी और से भी हो सकती थी..

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