कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता..
गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए,
मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।
हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा,
नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना|
हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये..
एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों,
जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…!!
तेरा ख़याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेदर्द मैं ने तुझ को भुलाया नहीं अभी|
आज मैंने दिल को थोड़ा साफ़ किया,
कुछ को भूला दिया, कुछ को माफ़ किया!!
ताला लगा दिया दिल को.. अब तेरे बिन किसी का अरमान नहीं..
बंद होकर फिर खुल जाए, ये कोई दुकान नहीं।
फिर तेरी याद, फिर तेरी तलव,
फिर तेरी बातें, ऐसे लगता है ऐ दिल तुझे मेरा सकून नही आता..!!
अपनी जिंदगी अजीब रंग में गुजरी है,
राज किया दिलों पे और तरसे मोहब्बत को|
अभी तक मौजूद हैं इस दिल पे तेरे क़दमों के निशान,
हमने तेरे बाद किसी को इस राह से गुजरने नहीं दिया|
सज़ा मिली है इसे, इसकी वफाओं के लिये,
दिल वो मुज़रिम है के, जिस पर कोई इल्ज़ाम नहीं!
तुझको लेकर मेरा ख्याल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा, मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा|
अरे पगली किराए का घर समझकर ही मेरे दिल मेँ बस जाओ,
मैँ समझूँगा कि मेरे दिल का मकान मालिक रहने आया है|
सोजा दिल आज धुँध बहुत है तेरे शहर में,
अपने दिखते नही, और जो दिखते है वो अपने नही है|
गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..
हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए,
मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।
हम ना बदलेंगे वक्त की रफ़्तार के साथ, हम जब भी मिलेंगे अंदाज पुराना होगा,
नजर चाहती है दीदार करना दिल चाहता है प्यार करना|
हाथ की नब्ज़ काट बैठा हूँ,
शायद तुम दिल से निकल जाओ ख़ून के ज़रिये..
एक सफ़र ऐसा भी होता है दोस्तों,
जिसमें पैर नहीं दिल थक जाता है…!!
तेरा ख़याल दिल से मिटाया नहीं अभी,
बेदर्द मैं ने तुझ को भुलाया नहीं अभी|
आज मैंने दिल को थोड़ा साफ़ किया,
कुछ को भूला दिया, कुछ को माफ़ किया!!
ताला लगा दिया दिल को.. अब तेरे बिन किसी का अरमान नहीं..
बंद होकर फिर खुल जाए, ये कोई दुकान नहीं।
फिर तेरी याद, फिर तेरी तलव,
फिर तेरी बातें, ऐसे लगता है ऐ दिल तुझे मेरा सकून नही आता..!!
अपनी जिंदगी अजीब रंग में गुजरी है,
राज किया दिलों पे और तरसे मोहब्बत को|
अभी तक मौजूद हैं इस दिल पे तेरे क़दमों के निशान,
हमने तेरे बाद किसी को इस राह से गुजरने नहीं दिया|
सज़ा मिली है इसे, इसकी वफाओं के लिये,
दिल वो मुज़रिम है के, जिस पर कोई इल्ज़ाम नहीं!
तुझको लेकर मेरा ख्याल नहीं बदलेगा,
साल बदलेगा, मगर दिल का हाल नहीं बदलेगा|
अरे पगली किराए का घर समझकर ही मेरे दिल मेँ बस जाओ,
मैँ समझूँगा कि मेरे दिल का मकान मालिक रहने आया है|
सोजा दिल आज धुँध बहुत है तेरे शहर में,
अपने दिखते नही, और जो दिखते है वो अपने नही है|
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